"चलते रहे कदम तो,
किनारा जरुर मिलेगा !!
अन्धकार से लड़ते रहो,
सवेरा जरुर खिलेगा !!
जब ठान लिया मंजिल पर जाना,
रास्ता जरुर मिलेगा !!
ए राही न थक, चल...
एक दिन समय जरुर फिरेगा !
🌹"निंदा" से घबराकर अपने "लक्ष्य" को ना छोड़े क्योंकि...."लक्ष्य" मिलते ही निंदा करने वालों की "राय" बदल जाती है।🌹
🙏सुप्रभात🙏
किनारा जरुर मिलेगा !!
अन्धकार से लड़ते रहो,
सवेरा जरुर खिलेगा !!
जब ठान लिया मंजिल पर जाना,
रास्ता जरुर मिलेगा !!
ए राही न थक, चल...
एक दिन समय जरुर फिरेगा !
🌹"निंदा" से घबराकर अपने "लक्ष्य" को ना छोड़े क्योंकि...."लक्ष्य" मिलते ही निंदा करने वालों की "राय" बदल जाती है।🌹
🙏सुप्रभात🙏
No comments:
Post a Comment